महादशा कैलकुलेटर
जन्म तारीख़, समय और स्थान भरिए और विंशोत्तरी महादशाओं का पूरा क्रम शुरू और ख़त्म की तारीख़ों के साथ पाइए, साथ में जन्म के समय बची हुई दशा और अभी चल रही महादशा, अंतर्दशा और प्रत्यंतर दशा। शुरुआत जन्म नक्षत्र के स्वामी से होती है और चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था, उसी से बची हुई दशा तय होती है। इसलिए जन्म का समय जितना सही, तारीख़ें उतनी ठीक।
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आपकी महादशाएँ
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समय-रेखा
हर खंड की चौड़ाई दशा के वर्षों के अनुपात में है; हरी खड़ी रेखा आज का दिन है।
नौ महादशाएँ
| महादशा | वर्ष | से | तक |
|---|
अंतर्दशाएँ
| अंतर्दशा | से | तक |
|---|
प्रत्यंतर दशाएँ
| प्रत्यंतर दशा | से | तक |
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हिसाब, कदम दर कदम
आगे: जन्म नक्षत्र
दशा कैसे गिनी जाती है
विंशोत्तरी पद्धति कुल एक सौ बीस साल की है: केतु सात, शुक्र बीस, सूर्य छह, चंद्र दस, मंगल सात, राहु अठारह, गुरु सोलह, शनि उन्नीस और बुध सत्रह साल। जन्म की दशा का स्वामी चंद्र नक्षत्र का स्वामी होता है। चंद्रमा नक्षत्र का जितना भाग तय कर चुका हो, उतना हिस्सा दशा का बीत चुका माना जाता है और बाक़ी हिस्सा जन्म पर बची दशा होती है। अगली दशाएँ बारी-बारी से जुड़ती हैं। अंतर्दशा की लंबाई महादशा और अंतर्दशा के वर्षों के गुणनफल में एक सौ बीस से भाग देकर निकलती है, और प्रत्यंतर में भी यही अनुपात चलता है। वर्ष की लंबाई तीन सौ पैंसठ पूर्णांक पच्चीस दिन ली गई है। जाँच तिथि 2026-10-10।
एक उदाहरण
उदाहरण के लिए दिल्ली में 1 जनवरी 2000, दोपहर 12:00 का जन्म लें। जन्म की दशा का स्वामी राहु निकला और जन्म पर 4.444 वर्ष की दशा बची थी। क्रम यह रहा: राहु 18 वर्ष 12 जून 1986 से 11 जून 2004, फिर गुरु 16 वर्ष 11 जून 2004 से 11 जून 2020, फिर शनि 19 वर्ष 11 जून 2020 से 12 जून 2039।
सीमाएँ
- वर्ष की लंबाई के कई मानक चलते हैं; हमने एक चुना है और पेज पर लिखा है। दूसरा मानक चुनने पर तारीख़ें थोड़ी खिसकती हैं: सौर वर्ष लेने पर कुछ ही घंटे, और 360 दिन का वर्ष लेने पर हर साल कई दिन।
- बची हुई दशा के लिए चंद्रमा की डिग्री कला तक सही चाहिए; जन्म का समय कुछ घंटे भी खिसके तो तारीख़ें एक साल या उससे ज़्यादा बदल सकती हैं। समय पता न हो तो तारीख़ों को अनुमान मानें।
- पुरानी तारीख़ों (ख़ासकर पुराने बंबई के समय) में तब की स्थानीय घड़ी का फ़र्क़ पूरी तरह नहीं जुड़ा होता, इसलिए समय जाँच लें।
- यह जानकारी मार्गदर्शन और परंपरा के लिए है, किसी पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं।
नियम और गणना की जाँच: 10-10-2026
गणना इंजन: astronomy-engine 2.1.19 (MIT)
स्थान और समय क्षेत्र: GeoNames (CC BY 4.0) और IANA समय-क्षेत्र डेटा
आगे के औज़ार
अपनी चंद्र राशि से जानें कि साढ़ेसाती का कौन-सा चरण चल रहा है, हर दौर की शुरू और ख़त्म की तारीख़ें, और ढैया भी। शनि की वक्री वापसी से बने उप-दौर अलग दिखाए जाते हैं।
नवांश चार्टजन्म विवरण से नवांश (D9) चार्ट बनाएँ: लग्न और हर ग्रह की नवांश राशि, वर्गोत्तम ग्रहों का निशान और चार्ट का चित्र। नवांश निकालने का नियम पेज पर लिखा रहता है।