जन्म कुंडली बनाएँ
जन्म तारीख़, समय और स्थान भरिए और अपनी कुंडली पाइए: लग्न डिग्री के साथ, नौ ग्रहों की राशि और भाव, चंद्र नक्षत्र, नवांश और विंशोत्तरी दशा की सारणी। जन्म का समय न पता हो तो भी राशि और नक्षत्र मिल जाते हैं, और पेज साफ़ बताता है कि लग्न और भाव इस पर क्यों टिके हैं। अयनांश और भाव पद्धति नतीजे के पास ही लिखी रहती है।
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आपकी कुंडली
जन्म तारीख़, समय और स्थान भरकर ‘कुंडली देखें’ दबाएँ।
जन्म कुंडली
नवांश चार्ट
घर के कोने का छोटा अंक राशि संख्या है (1 मेष से 12 मीन)। ल = लग्न।
नौ ग्रह
| ग्रह | राशि | अंश | भाव | नक्षत्र और चरण | चाल |
|---|
भाव सारणी (पूरी राशि वाले भाव)
| भाव | राशि | ग्रह |
|---|
विंशोत्तरी दशा सारणी
| महादशा | से | तक |
|---|
गणना के कदम, आपके अपने आँकड़ों के साथ
आगे: जन्म नक्षत्र
कुंडली कैसे देखें: छह कदम
ग्रहों की स्थिति खगोलीय गणना (astronomy-engine) से निकलती है, स्थानीय समय IANA समय-क्षेत्र डेटा से विश्व समय में बदला जाता है (पुराने भारतीय समय सहित), और जन्म स्थान की खोज GeoNames डेटा से होती है। अयनांश लाहिड़ी है, राहु-केतु औसत हैं, और भाव पूरी राशि वाली पद्धति के हैं। विंशोत्तरी दशा और नक्षत्र की सीमाएँ शास्त्रीय नियम से बनती हैं। जाँच तिथि 2026-10-10।
एक उदाहरण
उदाहरण के लिए दिल्ली में 1 जनवरी 2000, दोपहर 12:00 का जन्म लें। उस क्षण का अयनांश 23.8571 डिग्री आया और लग्न मीन 13.19 अंश निकला। चंद्रमा तुला स्वाती पद 4 में था, यानी जन्म नक्षत्र और चरण वही हैं। चंद्रमा: तुला 16.71 अंश, भाव 8, स्वाती पद 4।
विधि और सीमाएँ
- गणना लाहिड़ी अयनांश, पूरी राशि वाले भाव और औसत राहु-केतु पर आधारित है। बराबर या श्रीपति भाव अभी नहीं दिए गए; दूसरे सॉफ़्टवेयर अलग विकल्प चुनें तो कुछ ग्रह-भाव अलग दिख सकते हैं।
- जन्म का समय न हो तो लग्न और भाव ग़लत हो सकते हैं। चंद्रमा एक दिन में लगभग 13 अंश चलता है, इसलिए उसकी राशि और नक्षत्र भी बदल सकते हैं; उस स्थिति में चंद्रमा पर टिके परिणाम अनुमान हैं। धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु-केतु) आम तौर पर नहीं बदलते। समय भरे बिना लग्न को पक्का न मानें।
- पुरानी तारीख़ों (ख़ासकर पुराने बंबई के समय) में तब की स्थानीय घड़ी का फ़र्क़ पूरी तरह नहीं जुड़ा होता, इसलिए समय जाँच लें।
- लग्न की जाँच अभी सूर्योदय के समय की ज्यामिति से हुई है; किसी दूसरे सॉफ़्टवेयर से कुंडलियों की तुलना बाक़ी है।
- यह जानकारी मार्गदर्शन और परंपरा के लिए है, किसी पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं।
नियम और गणना की जाँच: 10-10-2026
गणना इंजन: astronomy-engine 2.1.19 (MIT)
स्थान और समय क्षेत्र: GeoNames (CC BY 4.0) और IANA समय-क्षेत्र डेटा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Kundli kaise dekhe?
पहले लग्न देखिए, जो पहला भाव है। फिर हर ग्रह किस राशि और किस भाव में है, चंद्र नक्षत्र कौन-सा है और अभी कौन-सी दशा चल रही है। यहाँ ये सब आपके चार्ट के नीचे आपके अपने ग्रहों के साथ छह कदमों में समझाया जाता है।
Kundli kaise banaen?
जन्म तारीख़, समय और जन्म स्थान भरिए। हम स्थानीय समय को विश्व समय में बदलकर नौ ग्रहों और लग्न की गणना करते हैं और चार्ट बना देते हैं। समय पता न हो तो खाली छोड़ सकते हैं, तब लग्न पर पेज चेतावनी देगा।
How to read kundli?
बारह भाव और बारह राशियाँ चार्ट में दिखती हैं। लग्न से शुरू करें, फिर हर ग्रह का भाव और राशि देखें। उदाहरण में चंद्रमा Tula 16.71 deg, house 8, Swati pada 4 में था। पेज इसी तरह आपके चार्ट को पढ़कर समझाता है।
How to check kundli online?
इसी पेज पर जन्म विवरण भरिए, चार्ट तुरंत बन जाता है। कोई साइन-अप नहीं लगता और जो आप भरते हैं वह आपके ब्राउज़र में ही रहता है। अयनांश और भाव पद्धति नतीजे के पास लिखी रहती है ताकि आप दूसरी कुंडली से मिला सकें।
Apni kundli kaise dekhe?
अपनी तारीख़, समय और जन्म स्थान भरकर कुंडली बनाएँ, फिर नीचे दिए छह कदम पढ़ें। सबसे पहले लग्न और चंद्र राशि देखें, फिर नक्षत्र और अभी चल रही दशा। हर कदम आपके अपने चार्ट के आँकड़ों के साथ दिखता है।
आगे के औज़ार
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