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क्या करना है?

कुंडली मिलान

दोनों का जन्म विवरण भरिए और आठ कूट के अंक कुल छत्तीस में से देखिए: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी। हर अंक के साथ लिखा रहता है कि वह किस नियम से आया। नाड़ी और भकूट के संकेत केवल जानकारी के रूप में दिखते हैं, इन्हें डराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता।

दोनों का जन्म विवरण भरें

वर (लड़के) का जन्म विवरण
वर का जन्म स्थान: नई दिल्ली, दिल्ली

समय क्षेत्र: Asia/Kolkata, +5:30

आपका शहर सिर्फ़ आपके ब्राउज़र में सेव होता है, कहीं भेजा नहीं जाता।

कन्या (लड़की) का जन्म विवरण
कन्या का जन्म स्थान: नई दिल्ली, दिल्ली

समय क्षेत्र: Asia/Kolkata, +5:30

आपका शहर सिर्फ़ आपके ब्राउज़र में सेव होता है, कहीं भेजा नहीं जाता।

आठ कूट और उनके अंक

अयनांश: लाहिड़ीआठ कूट, कुल 36गण: एक चुना रूपजाँच: 10-10-2026विधि

दोनों का जन्म विवरण भरकर ‘कुंडली मिलान देखें’ दबाएँ।

पूरी जन्म कुंडली →

एक उदाहरण

एक उदाहरण जोड़ी में वर का नक्षत्र रेवती और कन्या का अनुराधा निकला। वर्ण का अंक 1, तारा का 3, ग्रह मैत्री का 5, भकूट का 0 और नाड़ी का 8 रहा। सबको जोड़ने पर कुल 26 गुण बने।

कौन-सी सारणी हम इस्तेमाल करते हैं

दोनों के चंद्रमा की स्थिति खगोलीय गणना (astronomy-engine) से लाहिड़ी अयनांश में निकलती है, फिर राशि और नक्षत्र तय होते हैं। वश्य और योनि की सारणियाँ मुहूर्त चिंतामणि की मणिप्रभा टीका (चौखम्बा संस्करण) में छपी सारणियों से ली गई हैं; दूसरे ग्रंथ कुंभ और सिंह जैसी राशियों को अलग वर्ग में रखते हैं। तारा, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी के नियम शास्त्रीय हैं। गण के अंकों में क्षेत्रीय भेद होते हैं; हम जो रूप इस्तेमाल करते हैं वह पेज पर लिखा रहता है। जाँच तिथि 2026-10-10।

सीमाएँ

  • गण के अंकों के कई रूप चलते हैं; मुहूर्त चिंतामणि का श्लोक केवल गुणात्मक है और अंक टीकाओं से आते हैं, इसलिए हमारा रूप कुछ अन्य सारणियों से अलग हो सकता है।
  • नाड़ी और भकूट दोष के परिहार की टिप्पणियाँ जानकारी के रूप में दिखाई जाती हैं; वे कुल अंक में नहीं जोड़ी जातीं। नाड़ी और भकूट के अपने अंक कुल में गिने जाते हैं।
  • जन्म का समय न हो तो चंद्रमा की राशि और नक्षत्र बदल सकते हैं, क्योंकि चंद्रमा एक दिन में लगभग 13 अंश चलता है; ऐसे में मिलान के अंक अनुमान हैं। समय पता हो तो ज़रूर भरें।
  • कुंडली मिलान परिवार और पंडित के साथ बातचीत का आधार है, अंतिम फ़ैसला नहीं। यह जानकारी मार्गदर्शन और परंपरा के लिए है।

नियम और गणना की जाँच: 10-10-2026

गणना इंजन: astronomy-engine 2.1.19 (MIT)

स्थान और समय क्षेत्र: GeoNames (CC BY 4.0) और IANA समय-क्षेत्र डेटा

गणना की विधि · स्रोत और संदर्भ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

What is nadi in kundali matching?

नाड़ी आठवाँ और सबसे ज़्यादा अंकों वाला कूट है। नक्षत्र के आधार पर हर व्यक्ति की नाड़ी आदि, मध्य या अंत्य होती है। दोनों की नाड़ी एक हो तो इस कूट में शून्य अंक मिलता है, अलग हो तो पूरे आठ। यह केवल एक संकेत है।

What is bhakoot in kundali matching?

भकूट सातवाँ कूट है। इसमें दोनों की चंद्र राशियों के बीच की दूरी देखी जाती है। कुछ विशेष दूरियों पर इस कूट में शून्य और बाक़ी पर पूरे सात अंक मिलते हैं। उदाहरण जोड़ी में इसका अंक 0 था।

How to check kundali matching?

वर और कन्या की जन्म तारीख़, समय और जन्म स्थान भरिए। हम दोनों का चंद्र नक्षत्र निकालते हैं, आठ कूट के अंक जोड़ते हैं और हर अंक की वजह दिखाते हैं। नतीजे को कार्ड के रूप में WhatsApp पर भेजा जा सकता है।

Does kundali matching really matter?

कुंडली मिलान एक पारंपरिक विधि है जिसे कई परिवार रिश्ता तय करते समय देखते हैं। यह जानकारी देता है, फ़ैसला नहीं करता। अंक अकेले किसी रिश्ते के बारे में अंतिम बात नहीं कहते; परिवार और पंडित से बात करना बेहतर है।

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